सपनों का शहर
हंसवर और बसखारी : मेरे सपनों का इलाका” ✍️ लेखक - विकास मौर्य, ग्राम पृथ्वीपुर, अंबेडकर नगर (उत्तर प्रदेश) उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले में स्थित मेरा गांव पृथ्वीपुर प्रकृति, आस्था और सरल जीवन की जीवंत मिसाल है। इस गांव के पास बसा है हंसवर, और पास ही स्थित है बसखारी — ये दोनों कस्बे मेरे लिए केवल स्थान नहीं, बल्कि आत्मा से जुड़ी पहचान हैं। इन्हीं रास्तों से होकर मेरे जीवन के सपने आकार लेते हैं। --- 🌊 घाघरा नदी : जीवन और संस्कृति की धार पूरा क्षेत्र घाघरा नदी के तट पर बसा है। यह नदी हमारे खेतों को पानी देती है, बच्चों को खेल की जगह देती है और बड़ों को आस्था की अनुभूति। सुबह की ठंडी हवा और नदी का शांत प्रवाह मन को सुकून देता है। --- 🕌 बसखारी की दरगाह : एकता और श्रद्धा का केंद्र बसखारी में स्थित है एक प्रसिद्ध दरगाह, जहाँ बाबा साहब की मजार है। यह स्थान केवल मुसलमानों का ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों के लोगों का आस्था स्थल है। यहाँ हर मज़हब के लोग चादर चढ़ाने, मन्नत मांगने और मन की शांति पाने आते हैं। --- 🛍️ हंसवर : गांवों की धड़कन और बाजार का केंद्र हंसवर एक जीवंत कस्बा है, जो हमार...