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Showing posts from April, 2021

अनोखी शायरी दुनिया तेरे नाम

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  1.नवाबों के शहर में नकाब लगाना जरूरी हो गया |  यह कैसी घड़ी आई कि मिलने के बाद  2 गज दूरी जरूरी हो गया|| लेखक- विकास मौर्य  2.इश्क करते थे हम उनसे इस कदर की मिलने की आस लगा बैठे|  वो हमसे दूर हो गई यह कहकर कि मिलेंगे तो कोरोना हो जाएगा|| 3.जिंदगी एक अजब मोड़ पर आ खडी़👫 थी,  कि एक कुत्ते🐕 के भोकने के डर से फिर भागने🏃🏃‍♀️ लगी| 😂😂😂😂🤣🤣 4. टिप टिप बरसा 🌧⛈️पानी , पानी में आग🔥 लगाए | फिर अग्निशामक दल 🚒वाले पानी से क्यों आग बुझाते हैं| | 😂😂😂🤣🤣 5 हमारी  उनसे मुलाकात नहीं हुई बरसों... वो तो इतने झूठे निकले, जो कह रहे थे मिलने को कल परसों🌹// 6 . देखा हाथी🐘 को  तो साथी👫 का याद आया, मिला जब मैं उनसे तो उनके साथ किसी और का साथ💑 पाया// 7 . क्या फसाने थे क्या अफसाने थे, हम उनसे क्या कहें वो तो किसी और के दिवाने थे// 8. मैं अपनी स्त्री👰 के साथ स्त्री कर रहा था, उसने क्या खूब कहा मुझसे,मेरी स्त्री के सामने, अपनी स्त्री दे दो मुझे , मुझे भी करना है अपनी स्त्री के साथ स्त्री, मैंने भी क्या खूब कहा , अपनी स्त्री के सामने, मैं अपनी स्त्री नह...

अनएजुकेटेड लुगाई

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 अनएजुकेटेड लुगाई " अनएजुकेटेड लुगाई " लेखक -  विकास मौर्य              ऊँ श्री गणेशाय नम :  मेरा नाम विकास मौर्य है,  मैं ग्राम व पोस्ट - पृथ्वीपुर, ब्लॉक - बसखारी , तहसील- टाण्डा, जिला - अम्बेडकर नगर , राज्य - उत्तर प्रदेश , देश -भारत पिन कोड- २२४१९० का रहने वाला हूँ | आप लोगों का प्यार और दुलार बना रहा जिसकी वजह से मैं अपनी चौथा नाटक लिखने  जा रहा हूँ | भाईयों एवं बहनों जो भी गलती होगी मुझे माफ करना | ( नाटक पूरी तरह काल्पनिक है इस नाटक के किसी पात्र का नाम, स्थान , किसी से कोई समबन्ध नहीं है किसी से अगर कोई नाम मिलता है तो यह एक संयोग है |)  दोस्तों👭👬👫 आज आप लोगों के समक्ष एक नाटक प्रदर्शित करने जा रहा हूं  आप लोगों के समक्ष जो  नाटक प्रदर्शित मैं करने जा रहा हूं | उस नाटक का शीर्षक है " अनएजुकेटेड लुगाई" (पति👨‍🦱 बाहर से आता है  )| पति - अजी सुनती हो अरे 👧👧मोहिनी सुनती हो| पत्नी(मोहिनी) - आ गई आफत हां जी आई जी| पति - हेलो कैसी हो| पत्नी - हेलो (मैं आपको हिलती हुई नजर आती हूं)  पति - हेलो...

टूटी सड़क की डगर

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 " टूटी सड़क की डगर " लेखक -  विकास मौर्य              ऊँ श्री गणेशाय नम :  मेरा नाम विकास मौर्य है,  मैं ग्राम व पोस्ट - पृथ्वीपुर, ब्लॉक - बसखारी , तहसील- टाण्डा, जिला - अम्बेडकर नगर , राज्य - उत्तर प्रदेश , देश -भारत पिन कोड- २२४१९० का रहने वाला हूँ | आप लोगो के समक्ष राम नवमी के उपलक्ष्य  पर अपनी तीसरी कहानी लिखने  जा रहा हूँ | भाईयों एवं बहनों जो भी गलती होगी मुझे माफ करना | ( कहानी पूरी तरह काल्पनिक है इस कहानी के किसी पात्र का नाम, स्थान , किसी से कोई समबन्ध नहीं है किसी से अगर कोई नाम मिलता है तो यह एक संयोग है |)  दोस्तों👭👬👫 आज आप लोगों के समक्ष एक कहानी प्रदर्शित करने जा रहा हूं भाइयों एवं बहनों आप लोगों के समक्ष जो  कहानी प्रदर्शित मैं करने जा रहा हूं | उस कहानी का शीर्षक है " टूटी सड़क की डगर" एक बार की बात है किसी एक गांव में एक छोटा सा परिवार रहता है जिसमें एक पति और पत्नी रहते है पति का नाम ललपत राम है और पत्नी का नाम मुंदरी है दोनों अपना जीवन किसी तरह चला रहे हैं देखते देखते कई साल बीत गए अभी तक इन...

बेटियों का बेटियों से न्याय

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 बेटियों का बेटियों से न्याय              ऊँ श्री गणेशाय नम :  मेरा नाम विकास मौर्य है,  मैं ग्राम व पोस्ट - पृथ्वीपुर, ब्लॉक - बसखारी , तहसील- टाण्डा, जिला - अम्बेडकर नगर , राज्य - उत्तर प्रदेश , देश -भारत पिन कोड- २२४१९० का रहने वाला हूँ | आप लोगो के समक्ष 08 मार्च महिला दिवस पर एक कहानी लिखने  जा रहा हूँ | भाईयों एवं बहनों जो भी गलती होगी मुझे माफ करना ( कहानी पूरी तरह काल्पनिक है इस कहानी के किसी पात्र का नाम, स्थान , किसी से कोई समबन्ध नहीं है किसी से अगर कोई नाम मिलता है तो यह एक संयोग है |)  दोस्तों मेरा नाम विकास मौर्य है आज आप लोगों के समक्ष एक कहानी प्रदर्शित करने जा रहा हूं भाइयों एवं बहनों आप लोगों के समक्ष जो  कहानी प्रदर्शित मैं करने जा रहा हूं  उस कहानी का शीर्षक है  "बेटियों का बेटियों से न्याय"   किसी एक गांव में जिस गांव का नाम काल्पनिक नाम  गांव समलनिया पुर है  उस गांव में एक गरीब परिवार रहता है उस परिवार में एक मां बाप और उनका एक बेटा रहता है मां का नाम फूलमती है और बाप का ...

होली में मिलावटखोरी

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     " होली में मिलावटखोरी " " होली में मिलावटखोरी " लेखक -  विकास मौर्य              ऊँ श्री गणेशाय नम :  मेरा नाम विकास मौर्य है,  मैं ग्राम व पोस्ट - पृथ्वीपुर, ब्लॉक - बसखारी , तहसील- टाण्डा, जिला - अम्बेडकर नगर , राज्य - उत्तर प्रदेश , देश -भारत पिन कोड- २२४१९० का रहने वाला हूँ | आप लोगो के समक्ष  होली के उपलक्ष्य पर एक कहानी लिखने  जा रहा हूँ | भाईयों एवं बहनों जो भी गलती होगी मुझे माफ करना | ( कहानी पूरी तरह काल्पनिक है इस कहानी के किसी पात्र का नाम, स्थान , किसी से कोई समबन्ध नहीं है किसी से अगर कोई नाम मिलता है तो यह एक संयोग है |)  दोस्तों मेरा नाम विकास मौर्य है आज आप लोगों के समक्ष एक कहानी प्रदर्शित करने जा रहा हूं भाइयों एवं बहनों आप लोगों के समक्ष जो  कहानी प्रदर्शित मैं करने जा रहा हूं | उस कहानी का शीर्षक है " होली में मिलावटखोरी " एक शहर में एक परिवार रहता है उस परिवार में एक पति और पत्नी रहते हैं |पति का नाम श्याम प्रकाश है और पत्नी का नाम सुंदरी है | कुछ समय बाद उनको एक लड़का होता है...