बेटियों का बेटियों से न्याय

 बेटियों का बेटियों से न्याय




             ऊँ श्री गणेशाय नम : 

मेरा नाम विकास मौर्य है, 

मैं ग्राम व पोस्ट - पृथ्वीपुर, ब्लॉक - बसखारी , तहसील- टाण्डा, जिला - अम्बेडकर नगर , राज्य - उत्तर प्रदेश , देश -भारत पिन कोड- २२४१९० का रहने वाला हूँ |

आप लोगो के समक्ष 08 मार्च महिला दिवस पर एक कहानी लिखने  जा रहा हूँ |

भाईयों एवं बहनों जो भी गलती होगी मुझे माफ करना


( कहानी पूरी तरह काल्पनिक है इस कहानी के किसी पात्र का नाम, स्थान , किसी से कोई समबन्ध नहीं है किसी से अगर कोई नाम मिलता है तो यह एक संयोग है |) 


दोस्तों मेरा नाम विकास मौर्य है आज आप लोगों के समक्ष एक कहानी प्रदर्शित करने जा रहा हूं भाइयों एवं बहनों आप लोगों के समक्ष जो  कहानी प्रदर्शित मैं करने जा रहा हूं 


उस कहानी का शीर्षक है

 "बेटियों का बेटियों से न्याय" 



 किसी एक गांव में जिस गांव का नाम काल्पनिक नाम  गांव समलनिया पुर है 


उस गांव में एक गरीब परिवार रहता है उस परिवार में एक मां बाप और उनका एक बेटा रहता है मां का नाम फूलमती है और बाप का नाम राम गुबरे है और उनके बेटे का नाम जगन है 


जगन किसी एक गरीब लड़की से प्यार करता है जबकि उसके मां बाप उसके इस प्यार को जानते नहीं है 


जिस लड़की से जगन प्यार करता है 

 उस लड़की का नाम कमला है 


जगन जबकि कमला से शादी करना चाहता है लेकिन जगन के मां-बाप शादी के लिए राजी नहीं होते क्योंकि जगन के माता-पिता को दहेज चाहिए


 जगन अपनी माता पिता की एक भी नहीं सुना और वह कमला से एक मंदिर में जाकर शादी कर ली जगन जब अपनी पत्नी कमला को अपने घर लेकर आता है तो उसके मां-बाप उसे बहुत बुरा भला कहते हैं 


 जगन अपनी माता-पिता का आशीर्वाद लेने के लिए जाता है तो उसकी मां फूलमती उसे लात से धक्के मार देती है और आशीर्वाद नहीं देती 


जगन और कमला फिर भी उसी घर में रहने लगते हैं


 कमला की सास  हमेशा कमला को बुरा भला कहती है फिर भी कमला इन सब घटनाओं को सहती हुई उस घर में रहती है 

और अपने सास-ससुर की सेवा करती है 


इस प्रकार देखते ही देखते शादी के 2 साल हो गए


 और अभी तक कमला मां नहीं बन पाई और उसकी सास उसे हमेशा मारती गाली देती प्रताड़ित करती फिर भी कमला कुछ नहीं कहती 


और जगन किसी तरह रोज खेतों में मजदूरी करके अपने घर का खर्चा चलाता है


 फिर एक दिन वह समय आ जाता है जिसका जगन को बेसब्री से इंतजार होता है 


कमला मां बन गई और जांच में पता चला कि लड़की होगी 

जगन की मां जगन से कहती है इसका गर्भपात करा दो 

लेकिन जगन अपनी मां का एक नहीं सुना और अपनी बेटी को जन्म दिया इस दुनिया में लेकर आया और जगन की खुशी का ठिकाना ना रहा 


और अपनी मां का मुंह मीठा कराने के लिए लड्डू लेकर गया लेकिन उसकी मां लड्डू को उठाकर फेंक दिए और भला बुरा कहने लगी गाली देने लगी 


 कमला 2 साल बाद 


फिर से गर्भवती हो गई फिर जांच में पता चला कि लड़की होगी जगन की मां फिर से बच्ची को गिराने की बात कही लेकिन जगन एक भी ना सुना और इस बच्ची को जन्म दिया 


फिर इसी तरह 2 साल बाद 


फिर कमला पेट से हुई और जांच में पता चला कि इस बार भी लड़की होगी तो उसकी मां ने फिर से गर्भपात कराने के लिए कहा लेकिन जगन ने गर्भपात नहीं कराया 


और देखते ही देखते 9 महीना भी पास आ गया अचानक एक दिन कमला का स्वास्थ्य बहुत बिगड़ गया तो जगन ने नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में अपनी पत्नी  को लेकर गया तो पता चला कि कमला का स्वास्थ्य बहुत खराब है और डॉक्टर ने तुरंत कमला को भर्ती कर लिया 


कुछ देर बाद डॉक्टर आकर जगन से बोलते हैं या तो आप बेटी को बचा लो या अपनी पत्नी को जगन डॉक्टर से विनती करता है डॉक्टर साहब आप दोनों को बचा लीजिए डॉक्टर ने कहा ठीक है हम कोशिश करते हैं दोनों को बचाने की डॉक्टर ऑपरेशन कक्ष में चले जाते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करने के लिए कहते हैं 


ऑपरेशन शुरू कर दिया जाता है बहुत देर के बाद मां और बेटी दोनों को डॉक्टर बचा लेते हैं 


डॉक्टर ऑपरेशन कक्ष से निकलकर जगन को बधाई देते हैं दोनों को बचा लिया गया है और आपको बेटी हुई है 

जगन अपनी बेटियों के नाम का सोचता है क्या नाम रखें 


जगन अपनी बड़ी बेटी का नाम साधना रखता है उस से छोटी वाली का नाम किरण सबसे छोटी वाली का नाम राधा रखता है 


जगन तीनों बेटियों का सरकारी कालेज में दाखिला करा दिया और बेटियों से बोला देखो बेटी मैं ज्यादा पढ़ लिख और कुछ कर भी नहीं पाया लेकिन आप लोग चिंता ना करें मैं आप लोगों को पढा़ऊंगा और कुछ तुम लोगों को बनाऊंगा


 देखते ही देखते 12 साल से अधिक हो गए और बेटियां अब जवान भी होने लगी थी 


एक दिन तीनों बेटियां कॉलेज जा रही थी तो कुछ गांव के बदमाश लड़के छेड़ने लगे और अपशब्द कहने लगे जिससे गुस्से में आकर बड़ी बेटी साधना ने एक चांटा जड़ दिया फिर बदमाश लड़कों ने तेजाब फेंकने का सोचा 



जब जगन को यह बात पता चली कि हमारी बेटियों को कुछ बदमाश लड़के छेड़ते हैं और बदतमीजी करते हैं 

तो अपने तीनों बेटियों को स्वयं की रक्षा करना सिखाने लगा जूडो कराटे कुश्ती मुक्केबाजी आदि प्रकार के


 फिर समय बीतता गया साधना बेटी को वकील की पढ़ाई करवाने लगा 


उस से छोटी बेटी किरण को आईपीएस की तैयारी कराने लगा 

और सबसे छोटी बेटी राधा को नीट की तैयारी कराने लगा अर्थात डॉक्टर की तैयारी कराने लगा 


कुछ समय बाद खबर आई साधना बेटी वकील से जज बन गई है 


उसी के कुछ समय बाद किरण  बेटी की खबर आई की आईपीएस बन गई है 


उसी के कुछ समय बाद सबसे छोटी बेटी राधा की खबर आई कि वह नीट का एग्जाम पास करके डॉक्टर एमबीबीएस बन गई


 जगन के खुशी का ठिकाना ना रहा और उसकी आंखों में खुशी के आंसू थे अपनी बेटियों को सफल देखकर 


समय बीतता गया कुछ समय बाद वही गांव के बदमाश लड़के फिर कुछ लड़कियों को छेड़ते हैं और उन पर एसिड अटैक कर देते हैं जिससे वह लड़कियां बुरी तरह जल जाती हैं 


इन लड़कियों को अस्पताल में भर्ती करा दिया जाता और उन लड़कों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर लिया जाता है


 किरण उन लड़कों का एफ आई आर अपने अंडर में लेकर उनकी जांच करती है और उन बदमाश लड़कों को गिरफ्तार कर लेती है 



डॉ राधा उन लड़कियों का इलाज अच्छी तरह करने लगती हैं और उनका रिपोर्ट बयान तैयार करती हैं साधना इस केस को  उच्च न्यायालय में ले जाती हैं और इसका न्याय चलने लगता है 


जगन अपनी तीनों बेटियों साधना किरण और राधा से कहता है देखो बेटी देखो ए बेटियों का बेटियों से न्याय का सवाल है फैसला आना चाहिए तभी एक बाप को सुकून मिलेगा 


आईपीएस किरण पूरी जी जान से जांच चालू कर देती हैं और रिपोर्ट डॉ राधा से लेकर उच्च न्यायालय जाती है जज साधना इन सब सबूतों को देखती हैं और अपना फैसला देती हैं 


कि तमाम सबूतों और गवाहों को मद्देनजर रखते हुए अदालत इस नतीजे पर पहुंची है कि मुजरिम राणा मुजरिम चुनमुन और मुजरिम लल्लू चंद को धारा 433 ए के तहत उम्र कैद की सजा सुनाती है 



(जनता को संदेश कहानी के माध्यम से यहां पर एक गरीब मां-बाप अपनी तमाम मुसीबतों और परेशानियों के बाद भी अपनी बेटियों को काबिल बनाया और एक बेटी दूसरे बेटी को न्याय दिलाया इसलिए आप बेटी और बेटा सभी को एक समान शिक्षा दें 

🙎 बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ  महिला सशक्तिकरण 



(जब तक तुम मुंह नहीं खोलोगी तब तक बेटियों का न्याय नहीं होगा तुम मुंह खोलो और न्याय होगा एक बेटी दूसरी बेटी की रक्षा करेगी.. ) 



आप लोगो को कहानी कैसी लगी जरूर बताएं  अगली कहानी अच्छा से अच्छा लिखें.... जय हिंद जय भारत..

Mobile no. 9170866896

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